-डॉ. उपासना मिश्रा ने किया प्रेरित, पांच दिन चली कार्यशाला
PANIPAT AAJKAL , समालखा : यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज की विशेषज्ञ डॉ. उपासना मिश्रा ने कहा कि वास्तविक सुख क्षणिक भौतिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि सद्भावना में निहित है। उन्होंने उद्देश्य और क्षमता के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि एक शिक्षक के लिए दोनों का होना आवश्यक है।
वह पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पाइट) में ‘यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज’ विषय पर आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में संबोधित कर रही थीं।
डॉ. मिश्रा ने व्यक्ति, परिवार, समाज और प्रकृति के स्तर पर सामंजस्य की अवधारणा को विस्तार से समझाया। पाइट के वाइस चेयरमैन राकेश तायल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा में सद्भावना, नैतिकता और जिम्मेदारी का समावेश होता है, तभी छात्र एक बेहतर नागरिक बन पाते हैं। एप्लाइड साइंस विभाग की अध्यक्ष एवं कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. विनय खत्री ने कहा कि हमें सभी का सम्मान करना चाहिए और किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए निरंतर सीखते रहना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही छात्रों के बेहतर भविष्य की आधारशिला है।
कार्यक्रम के दौरान तन्नु शर्मा, डॉ. तमन्ना सेठी, मंगलदीप, उर्वशी शर्मा और डॉ. सुमन भी उपस्थित रहीं। डॉ. शिवानी ने मंच संचालन किया। इस कार्यक्रम में लगभग 50 प्राध्यापकों ने भाग लिया।